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हाई और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को जानकर आप दोनों अंतर को पहचान सकते हैं।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª या हाइपरटेंशन की गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें हमारा हृदय शरीर में ठीक ढंग से खून को पंप नहीं कर पाता। इस दिकà¥à¤•त को समय पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² न किया जाने से दिल का दौरा, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• और किडनी फेलियर जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रीडिंग में सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 130 से 139 mm Hg के बीच और डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 80 से 90 mm Hg के बीच की होती है।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
हाइपोटेंशन या लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हृदय शरीर में औसत मानक से कम खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ करता है। इस बीमारी में मरीज को कई दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं। लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रीडिंग में सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 90 mm Hg से कम और डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 60 mm Hg से कम होता है। इंसान के सामानà¥à¤¯ बीपी की जांच सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 120 mmHg और डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 80 mm Hg होता है।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ में विशेष लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते। इस कारण हाई बीपी का आसानी से पता नहीं चल पाता है। हाई बीपी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ लगातार होती है। हाई बीपी की दिकà¥à¤•त सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड के मौसम में बढ़ जाती है। इसमें सिरदरà¥à¤¦, घबराहट और बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आने लगता है। हाइपरटेंशन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सही पता जांच से ही चलता है।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£
निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को अगर लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाठतो इंसान को सदमा हो सकता है। निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लकà¥à¤·à¤£ जानें-
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकान
चकà¥à¤•र आना या बेहोशी
नजर धà¥à¤‚धली होना
मन सà¥à¤¥à¤¿à¤° न होना
ठंडी और चिपचिपी तà¥à¤µà¤šà¤¾
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पीला पड़ना
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से बचाव के उपाय
हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठनियमित सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेना चाहिà¤à¥¤
खाने में नमक की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो और पोटेशियम की मातà¥à¤°à¤¾ को बढ़ाना चाहिà¤à¥¤
कम वसा वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ साथ ही फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
मोटापे से हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, इसलिठवजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें।
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन करने से बचना चाहिà¤à¥¤
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से बचाव के टिपà¥à¤¸
शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखें।
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन करने बचें।
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का कम सेवन करें।
दिन में थोड़ा थोड़ा खाते रहें और à¤à¤• साथ पेट à¤à¤°à¤•र न खाà¤à¤‚।
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